Monday, June 22, 2015

विचारों का महाकुंभ भी


सिंहस्थ 2016 (3)                          

 मानव सभ्यता से जुड़े लगभग हर क्षेत्र के विषय पर इस विचार कुंभ में चर्चा होगी। धर्म का हो या राजनीतिक का हो या मानवीय सभ्यता  के विकास का मानव सभ्यता से जुड़े लगभग हर क्षेत्र के विषय पर इस विचार कुंभ में चर्चा होगी।                                           
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सिंहस्थ 2016 एक तरह से अनूठा होने जा रहा है। यह सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं एक वैचारिक आयोजन भी होगा। इतिहास में कभी भी सिंहस्थ पर इस तरह वैचारिक आयोजन नहीं हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंहस्थ के मौके पर होने वाले वैचारिक कुंभ की चर्चाओं को अंतिम रूप दे दिया है। 


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मानना है कि 12 साल में एक बार होने वाले विश्व के इस सबसे बड़े मेले का उपयोग केवल धार्मिक पर्यटन के लिए नहीं, वैचारिक क्रांति के लिए भी होना चाहिए। दुनिया में होने वाले हर परिवर्तन की शुरुआत विचारों से ही होती है और सिंहस्थ के मौके पर जब करोड़ों लोग एक ही जगह आ रहे हो तब उन करोड़ों दिमागों को उद्वेलित कर जनजागृति का शंखनाद करना एक अच्छी शुरुआत कहीं जा सकती है। 

सिंहस्थ पर होने वाले वैचारिक कुंभ में जिन विषयों पर चर्चा होगी, उनके बारे में धर्मगुरुओं, साधुु-महात्माओं, बुद्धिजीवियों आदि से चर्चा हो चुकी है। इस सिंहस्थ पर कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के परिसंवाद, चर्चाएं, गोष्ठियां आदि होंगी। दुनियाभर से आए श्रद्धालु इन बौद्धिक चर्चाओं का लाभ ले सकेंगे। इस तरह विचारों की यह गंगोत्री पूरी दुनिया में फैलेगी। मानव सभ्यता से जुड़े लगभग हर क्षेत्र के विषय पर इस विचार कुंभ में चर्चा होगी। चाहे वह विषय धर्म का हो या राजनीतिक विज्ञान का हो या मानवीय सभ्यता के विकास का। समाज शास्त्र से संबंधित विषय हो या बाजार की अर्थव्यवस्था से जुड़ा, समाज के बदलते मूल्यों की चर्चा भी होगी और अतीत के शासत मूल्यों पर भी चिंतन होगा। 

सिंहस्थ पर होने वाले इस वैचारिक कुंभ में मानवीय मूल्यों की महत्ता बार-बार परिभाषित की जाएगी। चाहे यह वैचारिक मूल्य प्रशासन के क्षेत्र से जुड़े हो या बाजार से। शिक्षा में मूल्यों के महत्व पर और स्वास्थ्य चेतना के क्षेत्र में मूल्य आधारित सिद्धांतों पर भी चर्चा होगी। मीडिया में मूल्यों पर भी आयोजन किए जाएंगे। पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी अलग-अलग चर्चा सत्र होंगे, जिनमें धरती को सुरक्षित और संरक्षित करने, महिला शक्ति की महत्ता को प्रतिपादित करने, शासन चलाने में मूलत: मालवीय सिद्धांतों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी चर्चा सत्र होंगे। पूरी दुनिया के विद्वतजन इन चर्चाओं में शिरकत करेंगे। 

सिंहस्थ 2016 तो उज्जैन में आयोजित होगा, लेकिन यह विचार कुंभ केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहेगा। इसके चर्चा सत्र ओंकारेश्वर, महेश्वर, इंदौर, भोपाल और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएंगे। इनका मूल उद्देश्य यह है कि विचारों का लाभ उन लोगों को भी मिले, जो उज्जैन के अलावा दूसरे शहरों में भी रहते है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस आयोजन के लिए अनेक शक्तिपीठ और आश्रमों में भी चर्चा कर चुके है। अनेक धर्मगुरुओं ने सिंहस्थ पर होने वाले इस वैचारिक महायज्ञ में आने की स्वीकृति दी है। इस कारण सिंहस्थ 2016 केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि संपूर्ण जीवनशैली का आयोजन बन जाएगा। 
--प्रकाश हिन्दुस्तानी
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