Saturday, February 28, 2015



क्यों की गई बांग्लादेश में सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अविजित रॉय की हत्या 




 मुक्तो मोनो 

ऐसा लगता है कि बांग्लादेश  भी अफ़ग़ानिस्तान और ईराक के कट्टर पंथियों की राह पर चल पड़ा है. 26 फ़रवरी को ब्लॉगर, लेखक, अनीश्वरवादी बुद्धिजीवी अविजित रॉय की हत्या यही बता रही  है. लगता है कि  बांग्लादेश में अब धर्मनिरपेक्ष,  विज्ञानसम्मत, स्वतंत्र विचारों की अभिव्यक्ति पर ख़तरा और बढ़ गया है.  




सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अविजित रॉय की ढाका में हत्या कर दी गई.  वे अटलांटा,  यूएसए में रहते थे और 15  फ़रवरी को ही ढाका आए थे. उनकी दो किताबों का विमोचन ढाका के पुस्तक मेले मे हुआ था. वे रोजाना पुस्तक मेले में जाते  थे और मेला ख़त्म होने तक वहीं रुकते थे. 26 फ़रवरी की रात करीब साढ़े 8 बजे  वे अपनी पत्नी रफीदा  अहमद बोन्ना  के साथ पुस्तक मेले से लौट रहे थे. दोनो पति-पत्नी सायकल रिक्शा पर से उतरकर घर के पास वाले फुटपाथ पर जा  रहे थे कि  दो हमलावरों ने कसाइयों वाले बड़े धारदार छुरे से हमला कर दिया.  हमलावर अनुभवी हत्यारे रहे होंगे क्योंकि उन्होंने बहुत सोच समझकर वार किए थे.





हत्या की ज़िम्मेदारी बांग्लादेश के मुस्लिम अतिवादी संगठन जमाते इस्लामी ने ली है. बीती 9 फ़रवरी को ही अविजित रॉय को फेसबुक पर किसी शफी उर रहमान ने धमकी दी थी कि अविजित रॉय को छोड़ेंगे  नहीं. अविजित रॉय के पहले भी बांग्लादेश में सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ब्लॉगर  अहमद रज़ीब हैदर और प्रोफ़ेसर हुमायूँ आज़ाद की हत्या की जा चुकी है.

अविजित 45 साल थे।  हत्यारों के निशाने पर उनकी 35 वर्षीय  पत्नी भी थी, और उन पर भी जानलेवा वार किये गए थे।  मौत से उनकी लड़ाई अभी जारी है और वे जीवन के लिए संघर्ष जारी  हैं। 

अविजित ने  8  किताबें लिखी हैं।  इनमें  से दो सबसे चर्चित रही 'बिस्वासेर वायरस' (विश्वास के वायरस) और  'ओबेशेर दर्शन' ( अविश्वास का दर्शन) . इन  किताबों  से कट्टरपंथियों को बहुत मिर्ची लगी   और वे उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे थे. उनका संदेश भी था कि यहाँ  बांग्लादेश आओ, तुम्हें देख लेंगे. अविजित ने मैकेनिकल इंजीनियर की डिग्री ली थी. उन्होंने सिंगापुर  पीएच-डी भी  की थी। वे अमेरिकी नागरिक थे. 

अविजित के सहयोगी बांग्लाभाषी ब्रिटिश लेखक अहसान अक़बर का कहना है कि अविजित लोगों की भावनाओं को समझते थे और उसकी कद्र भी करते थे. अपने लेखन में उन्होंने सीधे सीधे किसी भी धर्म पर हमला नहीं किया लेकिन लोगों को जागरूक करने के लिए वे हमेशा लेखन का इस्तेमाल करते थे.

प्रकाश हिन्दुस्तानी 

अविजित रॉय की बांग्ला वेबसाइट   :   http://mukto-mona.com/bangla_blog/



फेसबुक पर  अविजित रॉय का लिंक  :  https://www.facebook.com/pages/Avijit-Roy/1541857766102588






अविजित रॉय का ट्विटर अकाउंट  लिए यहाँ  क्लिक करें :
 https://twitter.com/search?q=%23Avijit%20Roy&src=typd&mode=users





अविजित रॉय का एक रीट्वीट :














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