Showing posts with label युवराज सिंह. Show all posts
Showing posts with label युवराज सिंह. Show all posts

Friday, March 25, 2011

तुरुप का पत्ता युवराज सिंह





तुरुप का पत्ता युवराज सिंह



युवराज की क्रिकेट से पहली कमाई 500 रुपये थी जो पंजाब क्रिकेट असोसिएशन ने उन्हें दिया था. आजकल कमाई के मामले में धोनी और सचिन के बाद युवराज ही हैं. 2009 में उनकी विज्ञापनों से आय करीब 25करोड़ थी



कहाँ तो युवराज सिंह पिछले साल इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की सोच रहे थे, जब उन्हें एशिया कप और आस्ट्रेलिया के खिलाफ
वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था, वहां चयनकर्ताओं उन्हें तुरुप का पत्ता कह रहे हैं. कहा जा रहा है अगर युवराज और अन्य फार्म में रहे तो भारत वर्ल्ड कप जीत सकता है. अब निगाहें मोहाली में होनेवाले सेमी फायनल पर होगी जो पाकिस्तान के खिलाफ खेला जाना है. टीम को यहाँ तक लाने का श्रेय युवराज को है, जो क्वार्टर फायनल में 'मैन ऑफ़ दी मैच' थे.

एक लाईन में उनका परिचय है,ये वही युवराज सिंह हैं, जिन्होंने 10दिसंबर 2007 को टी-20 मैच में इंग्लैण्ड के खिलाफ स्टुअर्ड ब्राट के
एक ओवर में 6 छक्के मारकर इतिहास बनाया था. पहला सिक्सर टी-20 के इतिहास का सबसे लम्बा सिक्सर था, दूसरा स्क्वेयर, तीसरा लांग ऑफ, चौथा ओवर प्वाइंट, पांचवां मिडविकेट पर मिस हिट और छठा लांग.
युवराज सिंह यानी भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज़, लेफ्ट आर्म स्पिनर, टीम इण्डिया, एशिया इलेवन, किंग्स इलेवन पंजाब, पंजाब योर्कशायर आदि टीम के स्टार खिलाड़ी. जिन्होंने पहला गोल्ड मैडल स्केटिंग में जीता था, और उसे उनके पिता योगराज सिंह ने चलती कार से बाहर फैंक दिया था और कहा था कि तुम्हें तो क्रिकेट, सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट ही खेलना है. चंडीगढ़ में ऐशो आराम से रहनेवाले युवराज के पिता ने 14 साल के बेटे को मुंबई की क्रिकेट अकेडमी में भर्ती करा दिया. युवराज अंधेरी में रहते थे और भीड़भरी लोकल ट्रेन से रोज़ चर्चगेट आते और ओवल मैदान में प्रेक्टिस करते. बरसों उन्होंने मुंबई की लोकल ट्रेन में अपना किटबैग ढोया. पंजाब की अंडर 19 टीम के कप्तान के रूप में वे सबसे पहले लाइम लाईट में आये जब उन्होंने 358 रन बनाये थे. सन 2000 में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ अंडर 19 टीम में मौका मिला और फिर नेशनल क्रिकेट अकेडमी में उनकी जगह पक्की हो गई. उसके बाद तो उन्होंने केवल इतिहास ही बनाया है. उनका बल्ला, गेंदबाजी और फुर्तीली फील्डिंग टीम को जिताने में कोई कसर नहीं छोड़ती.

युवराज की क्रिकेट से पहली कमाई 500 रुपये थी जो पंजाब क्रिकेट असोसिएशन ने उन्हें दिया था. आजकल कमाई के मामले में धोनी और सचिन के बाद युवराज ही हैं. 2009 में उनकी विज्ञापनों से आय करीब 25करोड़ थी जो 2010 में घटकर करीब 16 करोड़ हो गई थी. इनकम टैक्स के अलावा सर्विस टैक्स के रूप में भी करोड़ों रुपये चुकाते हैं. वर्ल्ड कप जीत गए तो टीम को 18 करोड़ रुपये इनाम में मिलेंगे यानी हर खिलाड़ी को एक करोड़ से भी ज्यादा. 1983 में वर्ल्ड कप जीतने पर टीम इण्डिया को केवल पंद्रह लाख के करीब मिले थे.

विवादों का युवराज से पुराना दोस्ताना है. कभी उन पर टैक्स कम देने का इलजाम लगता है तो कभी लन्दन का आब्जर्वर उन्हें टॉप टेन घमंडी लोगों में शुमार करता है. कभी अभिनेत्री अनुषा दांडेकर से उनका नाम जुड़ता है तो कभी किम शर्मा से, कभी वे दीपिका पादुकोण के साथ बर्थडे मनाते है तो कभी मिनीषा लाम्बा के साथ उनके लिप लाक की चर्चा होती है. कभी माडल शमिता सिन्हा, कभी साउथ की करिश्मा कोटक और कभी कन्नड़ हीरोइन जेनिफर कोतवाल से उनके संबंधों की खबरें आती हैं. वे कई के साथ दोस्ती मानते हैं और यह भी कहते हैं कि दीपिका पादुकोण ने मेरा दिल तोड़ दिया.

सचिन युवराज के प्रिय खिलाड़ी हैं और अपनी जिन्दगी में पहला आटोग्राफ उन्होंने सचिन का ही लिया था. उनका कहना है कि मैं वर्ल्ड कप जीतने के लिए कुछ भी कर सकता हूँ. मैं वर्ल्ड कप जीतकर सचिन के हाथों में देखना चाहता हूँ. यह मेरे लिए एक सपने जैसा है.
प्रकाश हिन्दुस्तानी


हिन्दुस्तान
27 march 2011